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मैक्स हेल्थकेयर ने मैक्स बूपा की कैशलेस फैसिलिटी रोकी, परेशानी में पॉलिसी होल्डर्स



<p style=”text-align: justify;”>मैक्स हेल्थकेयर और मैक्स बूपा हेल्थ इंश्योरेंस के बीच बढ़ते विवाद की वजह से मैक्स बूपा हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी होल्डर्स की कैशलेस फैसलिटी बंद हो गई है. मैक्स हेल्थकेयर की हॉस्पिटल चेन की ओर से कैशलेस फैसिलिटी बंद होने पॉलिसी होल्डर्स के सामने बेहद मुश्किल हालात पैदा



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अंतरराष्ट्रीय

कोरोना वायरस के संभावित टीके पर 2.1 अरब डॉलर और खर्च करेगा अमेरिका



<p style=”text-align: justify;”><strong>लंदन:</strong> दवा कंपनी ग्लैक्सोस्मिथक्लाइन और सनोफी पैस्टर ने अमेरिका को कोविड-19 के 10 करोड़ प्रयोगात्मक टीकों की आपूर्ति की घोषणा की है. अमेरिकी सरकार इसके लिए करीब 2.1 अरब डॉलर की राशि खर्च करेगी. वह इस उम्मीद में यह खर्च करेगी कि इससे कुछ फायदा होगा. कंपनियों



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कारोबार

कोरोना का असर, जून अंत तक बजट अनुमान के 83.2 फीसदी पर पहुंचा राजकोषीय घाटा


नई दिल्ली: देश का राजकोषीय घाटा चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में ही बजट अनुमान के 83.2 फीसदी यानी 6.62 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया है. इसका मुख्य कारण कोरोना वायरस महामारी तथा लॉकडाउन के कारण कर-संग्रह में कमी आना है. पिछले वित्त वर्ष के दौरान पहली तिमाही के अंत में राजकोषीय घाटा बजट अनुमान के 61.4 फीसदी पर था.

फरवरी में पेश 2020-21 के आम बजट में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने चालू वित्त वर्ष के लिये राजकोषीय घाटे का लक्ष्य 7.96 लाख करोड़ रुपये यानी सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का 3.5 फीसदी रखा था. हालांकि, इन आंकड़ों को कोविड-19 संकट से उत्पन्न आर्थिक व्यवधानों के मद्देनजर संशोधित किया जा सकता है. लेखा महानियंत्रक (सीजीए) के आंकड़ों के अनुसार, जून के अंत में राजकोषीय घाटा 6,62,363 करोड़ रुपये पर पहुंच गया.

वित्त वर्ष 2019-20 में राजकोषीय घाटा सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के 4.6 फीसदी पर पहुंच गया था, जो सात साल का उच्च स्तर था. यह मुख्य रूप से राजस्व संग्रह में कमी के कारण था. सीजीए के आंकड़ों के अनुसार, सरकार की राजस्व प्राप्ति 1,50,008 करोड़ रुपये यानी बजट अनुमानों का 7.4 फीसदी रही. पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि के दौरान यह 14.5 फीसदी थी.

वित्त वर्ष के पहले तीन महीनों के दौरान कर से प्राप्त राजस्व 1,34,822 करोड़ रुपये यानी बजट अनुमान का 8.2 फीसदी रहा. पिछले वित्त वर्ष की पहली तिमाही के दौरान कर राजस्व अनुमान 15.2 फीसदी था. सरकार की कुल प्राप्तियां बजट अनुमान का 6.8 फीसदी यानी 1,53,581 करोड़ रुपये है. बजट में, सरकार ने कुल प्राप्तियों का अनुमान 22.45 लाख करोड़ रुपये लगाया था.

जून के अंत तक सरकार का कुल खर्च 8,15,944 लाख करोड़ रुपये यानी बजट अनुमान का 26.8 फीसदी रहा. पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि के दौरान कुल खर्च 25.9 फीसदी था.

आंकड़ों से पता चला है कि 1,34,043 करोड़ रुपये राज्य सरकारों को जून तक केंद्र सरकार द्वारा करों के हिस्से के रूप में हस्तांतरित किये गये हैं, जो पिछले वर्ष की तुलना में 14,588 करोड़ रुपये कम है.

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विदेशी मुद्रा भंडार करीब पांच अरब डॉलर बढ़कर 522.63 अरब डॉलर की रिकॉर्ड ऊंचाई को छुआ


मुंबई: देश का विदेशी मुद्रा भंडार 24 जुलाई को समाप्त सप्ताह के दौरान 4.99 अरब डॉलर बढ़कर 522.63 अरब डॉलर के रिकार्ड सर्वकालिक ऊंचाई पर पहुंच गया. भारतीय रिजर्व बैंक के ताजा आंकड़ों में शुक्रवार को यह जानकारी दी गई. इससे पूर्व के सप्ताह में देश का विदेशी मुद्रा भंडार 1.275 अरब डॉलर बढ़कर 517.637 अरब डॉलर हो गया था.

पांच जून को समाप्त सप्ताह में पहली बार देश का विदेशी मुद्रा भंडार 500 अरब डॉलर के स्तर से ऊपर गया था. उस समय यह 8.223 अरब डॉलर की जोरदार वृद्धि के साथ 501.703 अरब डॉलर हो गया था. देश के विदेशी मुद्रा भंडार में वृद्धि होने का कारण 24 जुलाई को समाप्त सप्ताह में विदेशी मुद्रा आस्तियों (एफसीए) का बढ़ना है, जो कुल मुद्रा भंडार का एक महत्वपूर्ण हिस्सा होता है.

रिजर्व बैंक के आंकड़ों के अनुसार, समीक्षाधीन सप्ताह में विदेशी मुद्रा आस्तियां 3.60 अरब डॉलर बढ़कर 480.48 अरब डॉलर हो गईं. रिजर्व बैंक के अनुसार, समीक्षाधीन सप्ताह में स्वर्ण आरक्षित भंडार 1.357 अरब डॉलर बढ़कर 36.10 अरब डॉलर हो गया.

रिजर्व बैंक के आंकड़े दर्शाते हैं कि समीक्षाधीन सप्ताह में अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष में विशेष आहरण अधिकार 90 लाख डॉलर बढ़कर 1.464 अरब डॉलर हो गया, जबकि आईएमएफ में देश का आरक्षित मुद्रा भंडार 2.5 करोड़ डॉलर बढ़कर 4.585 अरब डॉलर हो गया.

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