Suchana Online, A Hindi News Website....
Breaking News / ताजा खबर
prev next
सारा की फिल्म की शूटिंग रुकी

सारा की फिल्म की शूटिंग रुकी

सारा अली खान की पहली फिल्म केदारनाथ की शूटिंग रूक गयी है। इससे सारा अली चिंतित है। सारा अली खान सुशांत सिंह राजपूत के साथ ‘केदारनाथ’ और रणवीर सिंह के साथ ‘सिम्बा’ More »

सिर्फ 1 रुपये का ट्रांजेक्शन, 51 रुपये का मिलेगा Cashback from bhim app

सिर्फ 1 रुपये का ट्रांजेक्शन, 51 रुपये का मिलेगा Cashback from bhim app

BHIM app को लॉन्च हुए तकरीबन एक साल हो गया है। भीम एप से अभी तक लाखों यूजर्स जुड़ चुके हैं। अब इसे और यूजर्स से जोड़ने के लिए एक नए ऑफर More »

कठुआ रेप केस : पीडीपी की अहम बैठक आज, बीजेपी के साथ रिश्तों पर हो सकती है समीक्षा

कठुआ रेप केस : पीडीपी की अहम बैठक आज, बीजेपी के साथ रिश्तों पर हो सकती है समीक्षा

श्रीनगर: कठुआ में आठ साल की बच्ची से बलात्कार और हत्या के मामले को लेकर आज जम्मू-कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ़्ती ने अपनी पार्टी के सभी विधायकों की बैठक बुलाई है. बैठक More »

उत्तर प्रदेशः तूफान ने मचाई तबाही, ताजमहल के गेट की दो मीनारें गिरीं, 20 की मौत

उत्तर प्रदेशः तूफान ने मचाई तबाही, ताजमहल के गेट की दो मीनारें गिरीं, 20 की मौत

उत्तर प्रदेश में बुधवार को आए तेज हवा ने खबू तबाही मचाई। आलम ये था कि कुछ देर में बहुत कुछ तबाह हो गया। इस बवंडर ने चंद मिनटों में ऐसी तबाही More »

क्या दो एपिसोड के बाद नेहा पेंडसे ने छोड़ दिया कपिल शर्मा का शो? जानें सच्चाई

क्या दो एपिसोड के बाद नेहा पेंडसे ने छोड़ दिया कपिल शर्मा का शो? जानें सच्चाई

नई दिल्ली: कॉमेडियन कपिल शर्मा का नया शो ‘फैमिली टाइम विद कपिल शर्मा’ एक बार फिर विवादों में हैं. अब तक इसके दो ही एपिसोड टेलिकास्ट हुए हैं, लेकिन इस बात पर More »

 

कैंपस प्‍लेसमेंट में दर्जी के बेटे को मिला सबसे ज्‍यादा सैलरी पैकेज, बन गया कंपनी का एसोसिएट डायरेक्‍टर

नई द‍िल्‍ली : जहां चहा वहां राह. जी हां, अगर सच्‍ची लगन हो तो आपको मंजिल तक पहुंचने से कोई नहीं रोक सकता. ऐसा ही कुछ हुआ है 27 साल के एक लड़के के साथ ज‍िसे IIM- नागपुर के कैंपस प्‍लेसमेंट में सबसे ज्‍यादा 19 लाख का पैकेज म‍िला है. खास बात यह है कि उसके पिता पेशे से दर्जी हैं और बहुत मुश्किल से घर का खर्च निकाल पाते हैं.
केरल के रहने वाले जस्टिन फर्नांडिज के घर की सालाना आमदनी मात्र 50 हजार रुपये थी. ऐसे में बमुश्किल ही घर का खर्च चल पाता था. लेकिन जस्टिन की आंटी जानती थीं कि श‍िक्षा कितनी जरूरी है. ऐसे में उन्‍होंने 12वीं तक जस्टिन की पढ़ाई का पूरा खर्चा उठाया.
कठिन दौर को याद करते हुए जस्टिन ने टाइम्‍स ऑफ इंडिया को बताया, ‘मेरे दादाजी दर्जी थे. जाहिर है मेरे पिता को भी यही काम करना पड़ा. लेकिन रेडिमेड गार्मेंट के दौर में हमारे जैसे कई घर बर्बाद हो गए. कंट्रोल रेट पर म‍िलने वाले राशन से ही हम गुजारा करते थे.’
केरल के कोल्‍लम के रहने वाले जस्टिन ने स्‍कॉलरशिप के सहारे सरकारी कॉलेज से बीटेक किया. इसके बाद उन्‍होंने दो सालों तक सॉफ्टवेयर कंप‍नी में काम किया और साथ-साथ वो एमबीए की भी तैयारी करते रहे.
अपने दूसरे अटेंप्‍ट में उन्‍होंने IIM-नागपुर का एंट्रेंस एग्‍जाम क्लियर किया और फिर एमबीए में एडम‍िशन ले ल‍िया.
कोर्स पूरा होने के बाद जब प्‍लेसमेंट हुआ तो बेहतरीन एकेडमिक रिकॉर्ड वाले जस्टिन अपने बैच में अव्‍वल रहे. उन्‍हें हैदराबाद की वैल्‍यू लैब्‍स कंपनी ने बतौर एसोसिएट डायरेक्‍टर ज्‍वॉन करने का ऑफर दिया. साथ ही 19 लाख के सालाना पैकेज का ऑफर भी म‍िला.
आपको बता दें कि IIM-नागपुर में जस्टिन के अलावा किसी दूसरे स्‍टूडेंट को इतनी बड़ी पोस्‍ट और सैलरी ऑफर नहीं हुई है.

Share this:
FacebookTwitterGoogle+LinkedInWhatsApp

भारत में सरकार द्वारा आलोचक मीडिया संस्थानों को परेशान किया जा रहा : अमेरिकी विदेश विभाग

वाशिंगटन: ट्रंप प्रशासन ने शुक्रवार को दावा किया कि 2017 में भारत में सरकार के आलोचक रहे मीडिया संस्थानों पर कथित तौर पर दबाव बनाया गया या उन्हें परेशान किया गया. अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने वर्ष 2017 के लिए अपनी सालाना मानवाधिकार रिपोर्ट में कहा,‘संविधान(भारत का) अभिव्यक्ति की आजादी देता है लेकिन इसमें प्रेस की स्वतंत्रता का स्पष्ट रूप से उल्लेख नहीं है. सरकार(भारत की) आमतौर पर इन अधिकारों का सम्मान करती है लेकिन कुछ ऐसे मामले भी हुए हैं जिनमें सरकार ने अपने आलोचक मीडिया संस्थानों को कथित रूप से परेशान किया और उन पर दबाव बनाया.’
विदेश मंत्रालय की इस सालाना रिपोर्ट में दुनिया के सभी देशों में मानवाधिकार की स्थिति बताई जाती है. रिपोर्ट में कहा गया कि अन्य देशों के मुकाबले भारत में मानवाधिकार की स्थिति कहीं बेहतर है. लेकिन इसमें उन प्रमुख घटनाओं को भी शामिल किया गया जिन्हें भारत में प्रेस की आजादी पर हमले के रूप में देखा गया. यह रिपोर्ट ऐेसे वक्त आई है जब ट्रंप प्रशासन पर भी प्रेस की आजादी पर हमले के आरोप लग रहे हैं.

Share this:
FacebookTwitterGoogle+LinkedInWhatsApp

Ipl 2018, DD vs RCB LIVE: बैंगलोर की होगी बैंग-बैंग या दिल्ली दिखाएगी जीत का डेयर?

नई दिल्ली: इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के 11वें संस्करण में पिछले चार मुकाबलों में तीन-तीन मैच हार चुकी दिल्ली डेयरडेविल्स और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलोर दोनों ही रात आठ बजे से होने वाले मुकाबले में जीत की राह पर लौटने के लिए बेकरार हैं. लीग में इस बार दोनों टीमों को काफी संघर्ष करना पड़ रहा है. गौतम गंभीर की कप्तानी वाली दिल्ली के अब तक मात्र दो ही अंक हैं और तालिका में सबसे नीचे आठवें नंबर पर है. वहीं, बेंगलोर के भी इतने ही अंक हैं, लेकिन बेहतर रन रेट की बदौलत वह दिल्ली से एक स्थान ऊपर सातवें नंबर पर है.
दिल्ली को अपने पहले दो मैचों में मात खानी पड़ी थी, लेकिन तीसरे मैच में उसने मुंबई इंडियंस से मिले 195 रन के लक्ष्य को अंतिम गेंद पर हासिल कर लिया था. हालांकि अपने चौथे मैच में अपनी पिछली सफलता को दोहरा न पाई और कोलकाता से मिले 201 रनों के लक्ष्य से 71 रन दूर रह गई.
गेंदबाजी में युवा लेग स्पिनर राहुल तेवतिया ने चार मैचों में छह विकेट लेकर अच्छा प्रदर्शन किया है, लेकिन दूसरे छोर से उन्हें सहयोग नहीं मिल पा रहा है, तेज गेंदबाज ट्रेंट बोल्ट ने भी इतने ही विकेट हासिल किए हैं लेकिन वह काफी महंगे साबित हुए हैं. दिल्ली और बेंगलोर अब तक 18 बार आमने-सामने हुए हैं जिसमें से 12 बार बेंगलोर ने और छह बार दिल्ली ने जीत दर्ज की है. दोनों टीमों की फाइनल इलेवन कुछ इस तरह हो सकती है:-
आरसीबी: विराट कोहली (कप्तान), एबी डि विलियर्स, मंदीप सिंह, सर्फराज खान, कोरी एंडरसन/कोलिड डि ग्रांडहोमे, वॉशिंगटन सुंदर, क्रिस वोक्स, उमेश यादव, मोहम्मद सिराज/कुलवंत खेजरोलिया, युजवेंद्र चहल
डीडी: गौतम गंभीर (कप्तान), जैसन रॉय, श्रेयस अय्यर, ऋषभ पंत, ग्लेन मैक्सवेल, विजय शंकर, क्रिस मौरिस, राहुल तेवतिया, मोहम्मद शमी, शहबाज नदीज, ट्रेंट बाउल्ट

Share this:
FacebookTwitterGoogle+LinkedInWhatsApp

कोडिंग आपको परेशान करती है? हां, गूगल लाया है ऐप जो सिखाएगा ये बारीकी

नई दिल्ली: नौसिखुआ लोगों को अपने स्मार्टफोन पर कोडिंग सीखने में मदद करने के लिए गूगल ने नया लर्न-टू-कोड एप लांच किया है, जिसे ग्रासहॉपर नाम दिया गया है. ग्रासहॉपर को कोडर्स के एक दल ने गूगल की प्रयोगात्मक उत्पादों की कार्यशाला ‘एरिया 120’ में बनाया है. कंपनी ने बुधवार को ब्लॉग पोस्ट में कहा, “कोडिंग एक जरूरी कौशल बन गया और हम हर किसी के लिए इसे सीखना संभव बनाना चाहते हैं, चाहे वे अपने जीवन में व्यस्त ही क्यों ना हों.”
बयान में कहा गया, “हमने ग्रासहॉपर को फोन में डाला है ताकि आप जब यात्रा कर रहें हो या लाइन में खड़े अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं तो उस क्षण को सीखने के काम में लगा सकें.”
ग्रासहॉपर एप अब दुनिया भर में आईओएस और एंड्रायड पर उपलब्ध है.
इस एप में कई पाठ्यक्रम दिए गए हैं, जिसकी मदद से आसानी से कोडिंग सीखी जा सकती है.

Share this:
FacebookTwitterGoogle+LinkedInWhatsApp
Powered By Indic IME